रोहतक जीएसटी ने पकड़ी 432 करोड़ की कर चोरी

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रोहतक : वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) में टैक्स चोरी करने वालों पर शिकंजा कस दिया है। रोहतक जीएसटी आयुक्तालय से जुड़े नौ जिलों में करीब 432 करोड़ की टैक्स चोरी पकड़ी गईं। कई मामले तो ऐसे पकड़ में आए, जिनका खुलासा होने पर अधिकारी तक हैरान रह गए। 2018-2019 कुल 160 मामले पकड़ में आए।

इनमें 122 मामलों में 40 करोड़ वसूले गए। शेष मामलों में जांच चल रही है। दूसरी ओर, जीएसटी का पंजीकरण कराने के बाद भी रिटर्न जमा न कराने वालों (नॉन फाइलर) पर सीधे तौर से कार्रवाई हुई। नॉन फाइलरों से 812 करोड़ रुपये की रिकवरी की गई। 2356 करोड़ मिले, बीते साल से 781 करोड़ ज्यादा

अतिरिक्त कमिश्नर महेंद्र सिंह (भ.रा.से.) के मुताबिक, 2018-2019 में 2163 करोड़ रुपये का राजस्व जुटाना था। 31 मार्च 2018 से अप्रैल 2019 तक 2356 करोड़ रुपये यानी लक्ष्य से 193 करोड़ रुपये ज्यादा राजस्व मिला। 2017-2018 में 1575 करोड़ राजस्व मिला था, बीते साल से 781 करोड़ रुपये ज्यादा रकम जुटाई गई।

वहीं, बीते माह अप्रैल के आखिर तक ही सभी नौ जिलों से 235 करोड़ रुपये का टैक्स मिला है। दूसरी ओर, 1202 लोगों ने क्लेम करके 295 करोड़ रुपये का रिफंड लिया। ई-वे बिल में 61 मामले पकड़े गए, एक करोड़ का जुर्माना

ई-वे बिल में इन सभी नौ जिलों में माल ढोने वाले 435 वाहनों को औचक तरीके से चेक किया गया। करीब 61 वाहनों में नियमों के विपरीत मामले पकड़े गए। यही कारण रहा कि इन सभी वाहनों में नियमों तोड़ने के कारण करीब एक करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला गया। यह भी कार्रवाई वित्तीय वर्ष 2018-2019 में हुई। सिरसा की एक फर्म भी आई पकड़ में, 1.90 करोड़ का जुर्माना

विभागीय अधिकारियों का कहना है कि सिरसा की एक फर्म से हाल ही में टैक्स चोरी पकड़ी है। बड़े पैमाने पर कृषि से संबंधित उपकरणों की बिक्री से जुड़ी फर्म की कुछ माह पहले जांच हुई थी। संबंधित फर्म की तरफ से टैक्स चोरी पकड़ी गई। फिलहाल संबंधित फर्म पर 1.90 करोड़ रुपये का टैक्स लगाया गया है। रोहतक आयुक्तालय में यह नौ जिले हैं शामिल

रोहतक जीएसटी आयुक्तालय में नौ जिले शामिल हैं। एक जुलाई 2017 से पहले आठ जिले थे, हालांकि बाद में सोनीपत जिला भी शामिल किया गया। अब सोनीपत, हिसार, रोहतक, सिरसा, जींद, भिवानी, झज्जर, चरखी-दादरी और फतेहाबाद जिले शामिल हैं। रोहतक से ही इन जिलों की निगरानी होती है। हमारी लगातार कार्रवाई चल रही हैं। हमारे संज्ञान में कुछ मामले आए, उनकी जांच की गई। हमारा तो यही कहना है कि जिन्होंने पंजीकरण कराया है तो वह हर हाल में रिटर्न जमा कराएं। अन्यथा की स्थिति में कार्रवाई होगी। जिन्होंने टैक्स चोरी की उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई।
– विजय मोहन जैन (भ.रा.से.), कमिश्नर, केंद्रीय जीएसटी, रोहतक आयुक्तालय

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