Recruitment of IRS officers reduced by over 70% since 2014 (Eng-Hindi)

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New Delhi : The recruitment of officers of the Indian Revenue Service (IRS) — responsible for collecting and administering direct and indirect taxes in the country — has declined by almost 74 per cent since 2013, which includes the five years of Narendra Modi’s NDA government at the centre.

Indian Revenue Service is divided into two seperate Bodies : Central Board of Indirect Taxes & Customs (CBIC) & Central Board of Direct Taxes (CBDT).

IRS Officers of CBIC Cadre (Customs & Central GST) are Responsible for Collection of Indirect Taxes like GST, Central Excise, Customs, Narcotics, etc. IRS Officers of CBIC Cadre are posted in Customs Zone, GST Zones, Customs Preventive Zones & Narcotics Zones across the Country.

However, the IRS Officers of CBDT Cadre (Income Tax) are responsible for collection of Direct Taxes like Income Tax & Corporate Tax. CBDT IRS Officers are posted in Income Tax, Corporate Tax & TDS Zones across the country.

In 2013, 409 IRS officers were recruited through the civil service examination conducted by the Union Public Service Commission.

By 2017, this number had dropped to just 208. For 2018, the government released only 106, but it is not yet clear how many officers will actually be recruited, since the examination results came out only recently and service allocation is yet to be done.

पिछले पांच सालो में आईआरएस अफसरों की नियुक्ति में 74% गिरावट

नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की सरकार के कार्यकाल में भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) के अफसरों की नियुक्तियों में भारी गिरावट दर्ज हुई। आंकड़े बताते हैं कि साल 2013 के बाद से इस क्षेत्र में तकरीबन 74 फीसदी पद घट गए।

बता दें कि आईआरएस अफसरों का काम देश में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष कर को वसूलने के साथ उससे जुड़े प्रशासनिक काम-काज को भी संभालना होता है।

भारतीय राजस्व सेवा दो भागों में विभाजित है: केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) और केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT)।

सीबीआईसी कैडर (सीमा शुल्क एवं केंद्रीय जीएसटी) के आईआरएस अधिकारी जीएसटी, केंद्रीय उत्पाद शुल्क, सीमा शुल्क, नारकोटिक्स आदि जैसे अप्रत्यक्ष करों के संग्रह के लिए जिम्मेदार हैं। सीबीआईसी कैडर के आईआरएस अधिकारी कस्टम क्षेत्र, जीएसटी क्षेत्र, सीमा शुल्क निवारक क्षेत्र और नारकोटिक्स क्षेत्र में तैनात रहते हैं।

वहीं दूसरी ओर, सीबीडीटी कैडर (आयकर) के आईआरएस अधिकारी आयकर और कॉर्पोरेट कर जैसे प्रत्यक्ष करों के संग्रह के लिए जिम्मेदार हैं। सीबीडीटी आईआरएस अधिकारी देश भर में आयकर, कॉर्पोरेट कर और टीडीएस क्षेत्रों में सेवा देते हैं।

भारत सरकार के आकंड़ों के हवाले से ‘द प्रिंट’ की एक रिपोर्ट में बताया गया कि 2013 में संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) द्वारा आयोजित सिविल सेवा परीक्षा के जरिए 409 आईआरएस अफसरों का चयन किया गया था, जबकि 2017 में यह आंकड़ा लगभग आधा हो गया। उस वर्ष केवल 208 आईआरएस अफसरों को चुना गया। वहीं 2018 में यह आंकड़ा 106 पर आ गया।

हालांकि, इस आकड़े के संबंध में यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि इन 106 में असल में कितनों की भर्ती होगी। दरअसल, हाल ही में यूपीएसएसी ने परीक्षा के नतीजे घोषित किए थे, जबकि सर्विस का आवंटन किया जाना अभी बाकी है।

अधिकतर सरकारी अधिकारियों ने इस बारे में कहा, “यह गिरावट आईआरएस के ‘जंबो बैचों’ की वजह से आ रही है, जो कि 2016 से बनाए जा रहे हैं। ऐसे में अब संतुलन बैठाने की जरूरत है। सरकार तकरीबन 400 आईआरएस अफसरों के बैच ले रही थी। ऐसे में यह संख्या गिराने की जरूरत है, ताकि व्यवस्था पटरी पर आ सके।”

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