जीएसटी इंटेलिजेंस ने पकड़ा 1 करोड़ का फ़र्ज़ी आईटीसी घोटाला

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जोधपुर : शहर के तीन कारोबारियों के ठिकानों पर शुक्रवार को जयपुर से आई जीएसटी इंटेलिजेंस (डीजीजीआई) की टीम ने छापे मारे। इन कारोबारियों ने जीएसटी लागू होने के बाद कागजी फर्मों में कथित लेनदेन से तकरीबन डेढ़ सौ करोड़ का आईटीसी क्लेम उठाने वाले गिरोह से ही फर्जी बिल लेकर एक करोड़ का आईटीसी क्लेम उठा लिया था।

प्रारंभिक जांच के बाद कारोबारी समूह ने 60 लाख रुपए चुकाने के साथ ही शेष राशि व पेनल्टी भी जल्द जमा कराने का भरोसा दिया है। विभागीय सूत्रों के अनुसार जीएसटी इंटेलिजेंस जयपुर आंचलिक की टीमों ने शुक्रवार को बोरानाडा इलाके में ग्वार गम व सीड से जुड़े कारोबारी मीनाक्षी गम्स प्राइवेट लिमिटेड व सेठ दुग्गड़मल एंड कंपनी सहित तीन ठिकानों पर छापे मारे।

इन कारोबारियों ने भी जयपुर के फर्जी बिलिंग गिरोह के सरगना कपिल विजय से फर्जी बिल लिए थे और उन्हीं के आधार पर करीब एक करोड़ रुपए की आईटीसी ले ली थी। देर रात तक चली कार्रवाई के दौरान टीम ने कई दस्तावेज भी जब्त किए हैं।

जीएसटी लागू होने के डेढ़ साल में ही राजस्थान में तकरीबन 500 करोड़ के आईटीसी क्लेम उठाने में 3 हजार करोड़ रुपए के फर्जी लेनदेन का खुलासा जीएसटी इंटेलिजेंस की टीम ने गत 28 फरवरी को 11 ठिकानों पर छापे मारकर किया था।

इनकी जांच में सामने आया कि जयपुर के सिरसी रोड निवासी कपिल विजय व मोहित विजय नामक शातिरों ने अपने स्तर पर ही 27 कागजी फर्में बनाई थी। इसके लिए बदमाशों ने जीएसटी रजिस्ट्रेशन कराए और 670.14 करोड़ के फर्जी बिल बना डाले। इन्हीं के आधार पर 113 करोड़ के आईटीसी क्लेम को उठा लिए।

इसी तरह, जैन एंटरप्राइजेज के संचालक सौरभ छाजेड़ ने भी फर्जी बिलों के आधार पर 33 करोड़ का आईटीसी क्लेम उठा लिया था। इन लेनदेन के लिए 49 फर्माें को चालान जारी किए, जिनमें 393 राजस्थान और 86 बाहरी राज्यों के थे।

ऐसे ही जयपुर के जगतपुरा निवासी एक महिला चार्टर्ड अकाउंटेंट सहित तीन जनों को गिरफ्तार किया गया था। इन्होंने 35 फर्जी फर्में बनाई और तथाकथित लेनदेन दर्शाकर 11 करोड़ की आईटीसी गलत तरीके से उठा ली थी।

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