डीजीजीआई के रेडार पर आयरन, स्टील, पान मसाला और सोयाबड़ी कंपनियां

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लखनऊ : डायरेक्टर जनरल ऑफ जीएसटी इंटिलेजेंस (डीजीजीआई) कम प्रॉडक्शन दिखाकर टैक्स चोरी करने वाली मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों पर बड़ी कार्रवाई करने की तैयारी में है।

डीजीजीआई के अधिकारी प्रदेशभर की ऐसी मैन्युफैक्चरिंग यूनिटों का डेटा खंगाल रहे हैं, जिन पर टैक्स चोरी का अंदेशा है।

एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, प्रदेश में बड़े पैमाने पर ऐसी कंपनियां हैं, जो कम प्रॉडक्शन दिखाकर जीएसटी चोरी कर रही हैं।

अब खुफिया इनपुट एकत्रित कर ऐसी कंपनियों पर बड़ी कार्रवाई करने की तैयारी हो रही है।

खास तौर पर आयरन, स्टील, पान मसाला और बड़ी मैन्युफैक्चरिंग कंपनियां डीजीजीआई के रेडार पर हैं।

पकड़ी गई थी ऐसी ही कंपनी

हाल ही में डीजीजीआई की टीम ने कानपुर में एक पान मसाला बनाने वाली कंपनी का भंडाफोड़ किया था।

अधिकारियों के मुताबिक, यह कंपनी ज्यादा माल बनाकर कागजों पर कम दिखाती थी।

ऐसी ज्यादातर कंपनियां पर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में हैं।

इसके अलावा डीजीजीआई की नजर ऐसी कंपनियों पर भी है, जो फर्जी बिल के जरिए इनपुट क्रेडिट ले रही हैं।

जीएसटी लागू होने के बाद से प्रदेश में ऐसे कई मामले वाणिज्य कर विभाग और डीजीजीआई ने पकड़े हैं।

ऐसे होती है टैक्स चोरी

फर्जी बिल के जरिए इनपुट क्रेडिट लेने के मामले में कंपनियां फर्जी बिल बनाकर माल की सप्लाई दिखाती हैं।

असल में कोई माल सप्लाई ही नहीं किया जाता।

इसके एवज में कंपनियां सरकार से इनपुट क्रेडिट लेती हैं।

हाल ही में , लखनऊ स्थित एसएनके ब्रैंड से पान मसाला बनाने वाली कंपनी एजे सुगंधी प्राइवेट लिमिटेड पर छापेमारी में 1.5 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी पकड़ी गई।

डायरेक्टरेट जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलिजेंस की टीम ने खुफिया जानकारी के आधार पर गुरुवार और शुक्रवार को कंपनी के 11 ठिकानों पर छापेमारी की।

प्रधान अपर महानिदेशक अजय दीक्षित के निर्देश पर यह छापेमारी कानपुर, कानपुर देहात और हमीरपुर में की गई।

इसके बाद कंपनी के डायरेक्टर अविनाश मोदी ने 1.03 करोड़ रुपये जीएसटी के रूप में जमा करवाए।

कार्रवाई के दौरान डीजीजीआई के अपर निदेशक दिनेश कुमार, संयुक्त निदेशक मानसी त्रिवेदी, उप निदेशक कमलेश कुमार समेत कई अधिकारी मौजूद थे।

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यह भी पढ़े : फर्जी कंपनी बनाकर दो करोड़ की गड़बड़ी, जीएसटी इंटेलिजेंस (डीजीजीआई) का छापा


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