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छोड़वानी ग्रुप पर 7 शहरों में जीएसटी इंटेलिजेंस का छापा

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इंंदौर : कन्फेक्शनरी आइटम बनाने वाले छोड़वानी परिवार पर शुक्रवार को डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलिजेंस इंदौर ने छापा मारा। इंदौर में उनके मां उमिया विहार स्थित बंगले, नौ फैक्टरियों सहित 15 से ज्यादा जगह छापे मारे। नागपुर, उल्लास नगर (मुंबई), बेंगलुरू, हैदराबाद, सिलीगुड़ी और अहमदाबाद में भी आठ जगह उन कन्फेक्शनरी ग्रुप पर छापे मारे, जो छोड़वानी परिवार से बिना बिल चॉकलेट खरीद रहे थे। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ग्रुप सालाना 200 करोड़ से ज्यादा का कारोबार कर रहा है, लेकिन कागजों पर मुश्किल से 20 करोड़ का टर्नओवर बताया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार बड़ी संख्या में टैक्स चुराकर विभिन्न शहरों में चाॅकलेट कंपनियों को सामान बेचा जा रहा था। लगभग पूरा काम नंबर दो में हो रहा था।

15 करोड़ से ज्यादा की तो कारें हैं

इस परिवार के पांच से ज्यादा बंगले मां उमिया विहार कॉलोनी में बने हुए हैं। यहां पर करोड़ों की कारें खड़ी रहती हैं। बताया जाता है कि परिवार के पास 15 करोड़ से ज्यादा कीमत की केवल कारें ही हैं।

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दूसरे ब्रांड नाम से उत्पाद बनाकर बेचे जा रहे थे

इंदौर में भंवरकुआं, खातीवाला टैंक, पालदा, राऊ, विदुर नगर व अन्य जगह देर रात तक कार्रवाई चलती रही। बताया जा रहा है कि दो दिन तक जांच चल सकती है। इसी के बाद ही टैक्स चोरी का आंकड़ा सामने आएगा। ग्रुप मुख्य रूप से राजेश छोड़वानी और उनके बेटे सन्नी बाबा, भाई दीपक, संजय और नितिन छोड़वानी संचालित करते हैं। इस ग्रुप द्वारा राजशाही फूड प्रोडक्ट, माय किंग्डम, धारा इंटरप्राइजेस, सोनल प्रोडक्ट, प्रीमियम फूड, श्री प्रिया इंटरप्राइजेस आदि नामों से चाॅकलेट, सुपारी, कुरकरे आदि ब्रांड नाम से उत्पाद बनाकर बेचे जा रहे थे।

तीन माह की रैकी के बाद आए पकड़ में- यह ग्रुप पहले से ही विभाग की रैकी पर था। तीन माह से ग्रुप और उसके द्वारा जिन कंपनियों को माल बेचा जा रहा है, उन पर नजर रखी जा रही थी। अधिकारियों ने दो दिन पहले पीथमपुर की पैकिंग कंपनी डीएमआरपी और पिक एंड पाउच पर जांच की थी। यहां से पता चला कि छोड़वानी परिवार द्वारा संचालित फैक्टरियों द्वारा भारी मात्रा में पैकिंग मटेरियल बुलाया जाता है, लेकिन इस तुलना में इनका टर्नओवर नहीं है। नंबर दो में हो रहे कारोबार की पुष्टि होने के बाद विभाग के 125 से ज्यादा अधिकारियों की टीम बनाकर इंदौर इंटेलिजेंस के अधिकारियों ने एक साथ पूरे देश में छापे मारे। इसमें रायपुर, भोपाल, ग्वालियर व अन्य शहरों के भी अधिकारी बुलाए गए।


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