ऑटो सेक्टर के लिए जीएसटी में कटौती होने के आसार कम

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नई दिल्ली : लगातार घट रही बिक्री के बीच ऑटोमोबाइल कंपनियों की जीएसटी रेट में कटौती की उम्मीद को झटका लग सकता है। सूत्रों का कहना है कि ऑटो सेक्टर के लिए जीएसटी की दरों में जल्द कमी होनी मुश्किल है। इसका कारण फिटमेंट कमिटी में ऑटो सेक्टर के लिए जीएसटी में कटौती पर सहमति नहीं बनना है। अगस्त में लगातार 10वें महीने वाहन बिक्री घटी है और बीते 20 सालों में पैसेंजर कारों सबसे तेज गिरावट दर्ज की गई है। ऑटो सेक्टर लगातार जीएसटी घटाने की मांग कर रहा है, लेकिन यह फिलहाल काफी मुश्किल है।
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जीएसटी कट से 30,000 करोड़ का नुकसान!
फिटमेंट कमिटी ने अपनी सिफारिशों में कहा है कि अभी इस सेक्टर के लिए जीएसटी में कमी करना ठीक नहीं होगा। इससे करीब 30,000 करोड़ रुपये के रेवेन्यू का नुकसान होगा, जिसकी भरपाई करना मुश्किल है। राज्य, रेवेन्यू में इस कमी का बोझ नहीं उठाएंगे और इससे केंद्र सरकार की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

जीएसटी 28 से घटाकर 18% करने की थी मांग
फिटमेंट कमिटी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि अभी ऑटो सेक्टर के लिए जीएसटी में कटौती को टालना ही बेहतर होगा। जब स्थितियां सुधरेगी तो इस पर विचार किया जा सकता है। ऑटोमोबाइल कंपनियां कारों पर 28 फीसदी जीएसटी को घटाकर 18 फीसदी करने की मांग कर रही हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन ने भी हाल में कहा था कि ऑटो सेक्टर के लिए जीएसटी कम करने पर फैसला जीएसटी काउंसिंग करेगी। सरकार कटौती का प्रस्ताव जीएसटी काउंसिल के सामने रखेगी।

14% के औसत से बढ़ रहा राज्यों का मुआवजा
जीएसटी कलेक्शन में कमी दर्ज की जा रही है। सरकार ने हर माह एक लाख करोड़ रुपये जीएसटी कलेक्शन का लक्ष्य रखा था, लेकिन यह आंकड़ा इससे नीचे है। एक बड़ी समस्या केंद्र सरकार की ओर से राज्यों को टैक्स कलेक्शन में कमी के बदले दिया जाना वाला मुआवाजा है जो सालाना 14 फीसदी के औसत से बढ़ रहा है।

सूत्रों के अनुसार, फिटमेंट कमिटी की सिफारिश के बाद अब केंद्र सरकार की ओर से ऑटोमोबाइल कंपनियों पर जीएसटी कम करने का प्रस्ताव को जीएसटी काउंसिल की मीटिंग में पेश होना मुश्किल लग रहा है।

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