जीएसटी कलेक्शन : राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को मिला 8,698 करोड़ का मुआवजा

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नई दिल्ली : जीएसटी के चलते राज्यों को होने वाले टैक्स घाटे की भरपाई केंद्र सरकार ने शुरु कर दी है। केंद्र सरकार ने इसके लिए राजस्थान, अरुणाचल प्रदेश समेत कई राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को 8,698 करोड़ रुपए का फंड रिलीज किया है। ये मुआवजा जुलाई-अगस्त के दौरान होने वाले घाटे की भरपाई के लिए दिया गया है। हालांकि राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों का पहले दो महीनों का कुल मुआवजा 15,060 करोड़ रुपए का बनता है। जानकारों का मानना है आने वाले दिनों में राज्यों का टैक्स क्लेकशन घट सकता है जिससे यह आंकड़ा और बढ़ सकता है।

राजस्थान के टैक्स कलेक्शन में गिरावट
सरकार ने राज्यों से जुलाई-अगस्त टैक्स कलेक्शन का जो डाटा जुटाया है उसके मुताबिक राजस्थान के टैक्स कलेक्शन में गिरावट आई है। वित्त वर्ष 2015-16 में राजस्थान को 17,159 करोड़ रुपए का राजस्व मिला था। जो पिछले साल के मुकाबले 14 फीसदी ज्यादा था। लेकिन जुलाई 2017 में यह गिरकर केवल 1858 करोड़ रुपए पर आ गया।

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सेस से जुटाए 15060 करोड़
सरकार ने दो महीने में सेस से करीब 15060 करोड़ रुपए जुटाए है। जुलाई में सरकार को सेस से करीब 7,216 करोड़ की आमदनी हुई जबकि अगस्त में यह रकम 7,844 करोड़ रुपए रही। वहीं कुल कलेक्शन की बात करें तो अगस्त महीने के दौरान जीएसटी का कुल कलेक्शन 90,669 करोड़ रुपए रहा था। जबकि जीएसटी लागू होने के बाद पहले महीने यानी जुलाई में यह 94,063 करोड़ रुपए का रहा था। इनमें से 14,402 करोड़ रुपए सेंट्रल जीएसटी (सीजीएसटी), 21,067 करोड़ रुपए स्टेट जीएसटी (एसजीएसटी), 47,377 करोड़ रुपए इंटीग्रेटेड जीएसटी (आईजीएसटी) और 7,823 करोड़ रुपए डिमैरिट और लग्जरी गुड्स पर लगाए गए मुआवजा उपकर (सेस) के जरिए प्राप्त हुए हैं। इन 7,823 करोड़ रुपए में से 547 करोड़ रुपए अगस्त महीने में मुआवजा सेस के रुप में प्राप्त हुए हैं।

14 फीसदी वृद्धि का अनुमान
सरकार ने टैक्स शेयरिंग फॉर्म्यूले के मुताबिक साल 2015-16 के आधार वर्ष के हिसाब से केंद्र राज्यों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए मुआवजा देगा और उसने 14 फीसदी की राजस्व वृद्धि का अनुमान लगाया है। वित्त मंत्री जेटली के मुताबिक अगले कुछ महीनों राज्यों को मिलने वाले आकंड़ें में और तेजी देखी जा सकती है।

सोर्स : पत्रिका


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