Details about Officers of New GST Committee (Hin-Eng)

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New Delhi : With a monthly collection of Goods & Services Tax (GST) dipping to a 19-month low, the GST Council Secretariat has announced setting up of a GST committee to augment collections and improve administration.

The panel has been asked to submit the report within 15 days.

This development took place ten days after the collection for the month of September was found to dip to ₹91,916 crore, the lowest after February 2018.

Not only this, the revenue during September declined by 2.67 per cent as compared to the mop-up during September last year.

The Government has set a target of collecting over ₹ 1 lakh crore every month during the current fiscal.

The new committee will have 12 members — five from the States and five from the Centre beside Joint Secretary of GST Council and Executive Vice President of GST Network (GSTN).

Officers from the Centre (CBIC) will include Joint Secretary (Revenue CBIC), Principal Commissioner (GST PW), Joint Secretary (Tax Research Unit CBIC), Additional Director General (ARM CBIC) and Additional Director General (Systems CBIC).

State officers will include SGST Commissioner (State Goods & Services Tax) from Maharashtra, Tamil Nadu, Uttar Pradesh, West Bengal and Punjab will represent the States.

As per the order issued by GST Council Secretariat, any other State could also join the committee on a voluntary basis.

The order made it clear that the committee could consider a wide range of reforms, so that “a comprehensive list of suggestions may emerge.” It has also suggested some areas to be considered by the committee.

These include systematic changes in GST including checks and balances to prevent misuse, measures to improve voluntary compliance, policy proposals and relevant modifications needed in the law, measures for expansion of tax base, improved compliance and anti-evasion measures using better data analytics and better administrative coordination.

जीएसटी वसूली बढ़ाने के लिए नई समिति के अधिकारियों की जानकारी

नई दिल्ली : जीएसटी वसूली में उम्मीद के मुताबिक बढ़ोतरी नहीं होता देख सरकार ने अधिकारियों की एक समिति बनाई है, जो वसूली बढ़ाने के तरीके पर सुझाव देगी।

जीएसटी काउंसिल सचिवालय की ओर से गुरुवार को जारी एक बयान के मुताबिक इस समिति में केंद्र सरकार और राज्य सरकार के अधिकारियों को शामिल किया गया है। समिति 15 दिनों के अंदर जीएसटी काउंसिल को अपनी पहली रिपोर्ट सौंपेगी।

12 सदस्यों की है समिति
समिति के सदस्यों में केंद्र सरकार (सीबीआईसी) की ओर से प्रधान कमिश्नर जीएसटी (पीडब्ल्यू सीबीआईसी), संयुक्त सचिव (टीआरयू सीबीआईसी), एडीजी (एआरएम सीबीआईसी), एडीजी (सिस्टम सीबीआईसी) और संयुक्त सचिव (राजस्व सीबीआईसी) शामिल हैं।

राज्य सरकारों की ओर से समिति में सदस्य के तौर पर महाराष्ट्र, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और पंजाब के एसजीएसटी कमिश्नर शामिल हैं।

इसके अलावा जीएसटी काउंसिल सचिवालय के संयुक्त सचिव और जीएसटीएन के कार्यकारी वाइस प्रेसिडेंट को भी समिति में सदस्य के तौर पर शामिल किया गया है।

समिति को व्यापक सुधारों की सूची पेश करने की जिम्मेदारी
समिति को व्यापक सुधारों की सूची पेश करने की जिम्मेदारी दी गई है। समिति नियमों का दुरुपयोग रोकने, नियमों का स्वत: अनुपालन बढ़ाने, कानून में जरूरी संशोधन करने, कर का आधार बढ़ाने, बेहतर डाटा विश्लेषण के जरिये कर चोरी रोकने और बेहतर प्रशासनिक तालमेल बनाने के उपायों पर विचार कर सकती है।

जीएसटी वसूली में नहीं हो रही अपेक्षित बढ़ोतरी
जीएसटी कानून के तहत राज्यों के राजस्व में कमी की भरपाई करने की क्षमता को लेकर संदेह उभरने के बाद सरकार ने 2018 में जीएसटी मुआवजा कानून में संशोधन कर 28 फीसदी स्लैब में पड़ने वाले नुकसानदेह वस्तुओं की आपूर्ति पर सेस लगा दिया।

सरकार का अनुमान था कि सेस लगाने से जीएसटी वसूली बढ़ेगी और आसानी से राज्यों को क्षतिपूर्ति की जा सकेगी। लेकिन जहां जीएसटी वसूली की वृदि्ध दर 12 फीसदी लक्ष्य के मुकाबले पांच फीसदी से भी कम है, वहीं सेस की वसूली भी अनुमान से काफी पीछे है।

इसे देखते हुए सरकार जीएसटी वसूली बढ़ाने के उपाय खोजने में लगी हुई है।

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