दिल्ली जीएसटी विभाग ने पकड़ी 150 करोड़ रुपये की कर चोरी

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नई दिल्ली : दिल्ली जीएसटी विभाग (बिक्री एवं कर विभाग) ने एक बड़ी चोरी पकड़ी है। विभाग ने गहन जांच के बाद अंतरराष्ट्रीय खरीद बिक्री में 150 करोड़ रुपये की कर चोरी पकड़ी है। इस चोरी में दिल्ली के 141 व्यापारी शामिल हैं। दिल्ली जीएसटी विभाग ने इन व्यापारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

व्यापारियों को कारण बताओ नोटिस जारी
मामला वित्त वर्ष 2015-16 का है जो अब प्रकाश में आया है। विभाग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए 1938 करोड़ रुपये के सी और एफ फॉर्म रद कर दिए हैं। दिल्ली जीएसटी विभाग ने टैक्स चोरी करने वाले सभी 141 व्यापारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है। वर्तमान में दिल्ली में साढ़े 6 लाख व्यापारी जीएसटी के अंतर्गत पंजीकृत हैं।

व्यापारियों से वसूली जाएगी राशि
विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दिल्ली के जीएसटी आयुक्त एच. राजेश प्रसाद के निर्देश पर की गई कार्रवाई में अंतरराष्ट्रीय खरीद बिक्री में यह घपला पकड़ा गया है। गहन जांच के बाद आयुक्त ने व्यापारियों से यह राशि वसूलने की प्रक्रिया शुरू करने का आदेश दिया है। जांच में पता चला है कि 141 व्यापारियों ने ऑनलाइन फॉर्म भरने की प्रक्रिया में बड़ी गड़बड़ी की है।

कई व्यापारियों ने गलत जानकारी दी
ऑनलाइन सिस्टम में कई व्यापारियों ने गलत जानकारी दी है। व्यापारियों ने भारी मात्रा में खरीद दिखाई, लेकिन मालं कहा बेचा और टैक्स कैसे चुकाया, इस बारे में जानकारी नहीं दी। नियमों को दरकिनार कर ऑनलाइन प्रक्रिया मे हेराफेरी की गई है।

टैक्स चोरी चुकानी होगी
1234.55 करोड़ रुपये के सी फॉर्म और 703.65 करोड़ रुपये के एफ फॉर्म की गहन जाच शुरू की गई। टैक्स चोरी पकड़े जाने पर इन फॉर्म को रद कर दिया गया है। जिन डीलरों के फॉर्म रद किए गए हैं, उन्होंने रिटर्न भी नहीं भरा है। अब नियमानुसार इन व्यापारियों को 150 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी चुकानी होगी।

क्या है एफ फॉर्म और सी फॉर्म
एफ फॉर्म का इस्तेमाल एक कंपनी द्वारा स्टॉक ट्रासफर के लिए किया जाता है, जबकि सी फॉर्म का उपयोग अंतरराष्ट्रीय खरीद-बिक्री में किया जाता है।

सोर्स : जागरण

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