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CBIC allows refund clearance based on PAN (Eng-Hindi)

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New Delhi : With around Rs 14,000 crore of GST refunds to exporters still not refunded, the Central Board of Indirect Taxes and Customs (CBIC) has now allowed for the clearance of such refunds based on the PAN of exporters. However, this exception is for instances where there the refund has been delayed due to a mismatch in GSTIN mentioned in shipping bill and return forms.

The government and the CBI repeatedly emphasized that a major portion of the delayed refunds have been stuck due to errors made by tax payers on the GST forms. While the Federation of Indian Export Organisations had recently stated that more than Rs. 20,000 crore of refunds have remained unprocessed, government authorities state that the figure is closer to Rs. 14,000 crore. Mismatches in GST identification number happens when the entity filing shipping bills is a registered office and the entity that has paid the Integrated GST (IGST) is a manufacturing unit.

The current relaxation came in the form of a circular to field officers, in which the CBIC said the refund should be cleared if the Permanent Account Number (PAN) mentioned in shipping bill and returns form GSTR-3B/ GSTR-1 is the same. However, it added that the entity claiming refund would have to give an undertaking that it will not claim “any refund or any benefit of the amount of IGST so paid”.

“Keeping in view the difficulties faced by the exporters in respect of SB005 errors (mismatch in invoice details in shipping bill and returns), the Board has decided to extend the facility of officer interface to shipping bills filed up to April 30,” the CBIC said.

नई दिल्ली : निर्यातकों के अटके जीएसटी रिफंड जल्द जारी करने को सेंट्रल बोर्ड ऑफ इनडायरेक्ट टैक्स एंड कस्टम्स (सीबीआइसी) ने नियम आसान कर दिया है। उसने कहा है कि अगर शिपिंग बिल व रिटर्न फॉर्म में जीएसटीआइएन मेल न खाने से अटके रिफंड पैन के आधार पर जारी किए जा सकते हैं। विभिन्न वजहों के चलते निर्यातकों के करीब 14000 करोड़ के रिफंड अटके हैं।

सीबीआइसी ने रिफंड जल्दी मंजूर करने को 31 मई से 14 जून तक विशेष पखवाड़े का आयोजन किया है। फील्ड अधिकारियों को भेजे सकरुलर में कहा है कि अगर शिपिंग बिल और जीएसटीआर-3बी या जीएसटीआर-1 में पैन मेल खाता है तो रिफंड जारी कर दिया जाए। अगर शिपिंग बिल किसी फर्म या कंपनी द्वारा अपने रजिस्टर्ड ऑफिस से जारी किया गया है लेकिन आइजीएसटी निर्माण इकाई ने भरा है तो जीएसटी आइडेंटिफिकेशन नंबर (जीएसटीआइएन) मिलान नहीं खाता है। रिफंड के लिए फर्म या कंपनी को यह घोषणा करनी होगी कि वह अदा की जा रही रिफंड की राशि का बाद में दावा नहीं करेगी।

जीएसटी पर जल्द बड़ी घोषणा करेगी सरकार

वित्त राज्यमंत्री शिव प्रताप शुक्ला ने कहा है कि सरकार जीएसटी को लेकर जल्दी ही बड़ी घोषणा करेगी। जीएसटी काउंसिल जीएसटी दरों को तर्कसंगत बनाने के लिए काम कर रही है। यहां एक कार्यक्रम में उन्होंने यह जानकारी दी। इस समय जीएसटी की चार दरें 5, 12, 18 और 28 फीसद लागू हैं। कुछ विशेष वस्तुओं को छोड़कर बाकी वस्तुएं और सेवाएं इन स्लैबों में बांटी गई हैं। जीएसटी से संबंधित मामलों पर फैसलों के लिए बनी काउंसिल ने जनवरी में 54 सेवाओं और 29 वस्तुओं पर जीएसटी की दर घटाने का फैसला किया था। इससे पहले पिछले नवंबर में 178 वस्तुओं को 28 फीसद के सर्वोच्च टैक्स स्लैब से निकाल दिया था और उन पर कम दर से टैक्स लगाया था। पांच सितारा होटलों को छोड़कर बाकी सभी रेस्तरां के लिए जीएसटी की दर घटाकर पांच फीसद कर दी गई थी।

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