CBI arrests DRI ADG in Rs 25 lakh bribery (Eng-Hin)

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New Delhi : The CBI on Wednesday arrested an Additional Director General (ADG) of Directorate of Revenue Intelligence ( DRI ) Chander Shekhar and a middleman in connection with Rs 25 lakh bribery case, officials said.

The searches are going on in New Delhi, Noida and Ludhiana, they said.

According to the DRI web site, Chander Shekhar is posted as ADG, Ludhiana.

The agency had arrested the middleman while he was allegedly receiving the bribe on behalf of the DRI officer, they said.

During the questioning, the middleman told the sleuths that the bribe was allegedly for the officer, they said.

The agency suspects it to be a part payment of a huge bribe which was discussed between the two, they said.

डीआरआई के अतिरिक्त महानिदेशक के खिलाफ सीबीआई की बड़ी कार्रवाई, 25 लाख की घूस के मामले में किया गिरफ्तार

देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी सीबीआई ने बुधवार को 25 लाख रुपए की घूस लेने के मामले में डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (डीआरआई) के अतिरिक्त महानिदेशक (एडीजी) चन्द्र शेखर को गिरफ्तार कर लिया।

सीबीआई अधिकारियों ने यह छापेमारी के दौरान यह गिरफ्तारी की। एजेंसी ने उनके अलावा एक बिचौलिया भी अरेस्ट किया है।
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, जांच एजेंसी ने इस कार्रवाई के दौरान इन दोनों ही लोगों से संबंधित ठिकानों पर लुधियाना, दिल्ली और नोएडा में दबिश दी।

डीआरआई की वेबसाइट के अनुसार, चन्द्र शेखर लुधियाना में अतिरिक्त महानिदेशक (एडीजी) के पद पर तैनात हैं। एजेंसी ने बिचौलिये को अधिकारी की तरफ से कथित रूप से रिश्वत लेते समय गिरफ्तार किया है।

अधिकारियों से पूछताछ के दौरान बिचौलिए ने बताया कि उसने रिश्वत अधिकारी के लिए थी।

सीबीआई द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, “हमें इस छापेमारी में एक एक्सपोर्टर से जुड़े कुछ दस्तावेज हाथ लगे हैं। दिल्ली निवासी शिकायतकर्ता ने सीबीआई को सौंपी शिकायत में कहा था कि क्लीयरिंग हाउस एजेंट और एडीजी, डीआरआई, लुधियाना के करीबी दोस्त ने तीन करोड़ रुपए की घूस (सरकारी कर्मचारी की ओर से) मांगी थी।

ताजा मामले में सीबीआई ने दोनों ही लोगों को 25 लाख रुपए की घूस मांगते और स्वीकारते हुए रंगे हाथों दबोचा है।” अधिकारियों ने इससे पहले दिन में बताया था कि शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि क्लियरिंग हाउस एजेंट अनूप जोशी और चंद्रशेखर के करीबी दोस्त राजेश ढांडा ने तीन करोड़ की घूस उनकी ओर से मांगी थी।

ऐसे में एजेंसी को शक है कि यह रिश्वत की उस बड़ी रकम का कुछ हिस्सा था, जिसके बारे में दोनों के बीच पहले चर्चा हुई थी। बता दें कि कस्टम ऐक्ट उल्लंघन से संबंधित मामलों की डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस सबसे बड़ी इंटेलिजेंस और जांच एजेंसी है।

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