अरुण जेटली : अप्रैल में 1 लाख करोड़ से ऊपर जीएसटी कलेक्शन एक बड़ी उपलब्धि

Share this Post

नई दिल्ली : केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा है कि अप्रैल महीने में 1 लाख करोड़ रुपए से ऊपर का जीएसटी कलेक्शन एक ऐतिहासिक उपलब्धि है और इससे आर्थिक गतिविधियों में तेजी का संकेत मिलता है। आपको बता दें कि उन्होंने यह बात ट्वीट के माध्यम से कही है।

केंद्र सरकार ने अप्रैल में 1.03 लाख करोड़ रुपए का जीएसटी संग्रहण किया है। यह इस बात का संकेत है कि नई अप्रत्यकक्ष कर व्यवस्थाय अब स्थिर हो चुकी है। आपको बता दें कि वित्त वर्ष 2017-18 के दौरान कुल जीएसटी कलेक्शन 7.41 लाख करोड़ रुपए रहा था। गौरतलब है कि वस्तु एवं सेवा कर को बीते साल 1 जुलाई को देशभर में लागू कर दिया गया था।

अरुण जेटली ने ट्वीट के जरिए जानकारी दी, “जीएसटी कलेक्शन का अप्रैल महीने में 1 लाख करोड़ रुपए का आंकड़ा पार करना एक ऐतिहासिक उपलब्धता है और यह इस बात की पुष्टि है कि आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी।” एक अन्य ट्वीट में उन्होंने कहा कि सुधरते आर्थिक माहौल, ई-वे बिल के लागू होने और बेहतर जीएसटी अनुपालन से भविष्यह में अप्रत्य क्ष कर संग्रह में और सुधार देखने को मिलेगा। गौरतलब है कि ईवे बिल (राज्यों के बीच) को 1 अप्रैल 2018 से ही देशभर में लागू किया जा चुका है।

ALSO READ : GST collections cross Rs. 1 Lakh Crores in April

अप्रैल में जीएसटी कलेक्शन: अप्रैल 2018 के दौरान कुल जीएसटी रेवेन्यू कलेक्शन जो कि 1,03,458 करोड़ रुपए रहा था उसमें सीजीएसटी 18,652 करोड़ रुपए, एसजीएसटी 25,704 करोड़ रुपए, आईजीएसटी 50,548 करोड़ रुपए (आयात से एकत्रित 21,246 करोड़ रुपए) और सेस के जरिए 8,554 करोड़ रुपए (आयात से मिले 702 करोड़ रुपए) शामिल हैं।

अब तक का जीएसटी कलेक्शन: मार्च महीने में जीएसटी रेवेन्यू कलेक्शन 89,264 करोड़ रुपए रहा था। फरवरी महीने में यह 85,174 करोड़ रुपए रहा था। जनवरी में जीएसटी कलेक्शन घटकर 86,318 करोड़ रुपए रहा। दिसंबर में जीएसटी कलेक्शन 86,703 करोड़ रुपए रहा था। नवंबर में जीएसटी 80,808 करोड़ रुपए रहा जबकि अक्टूबर महीने में यह 83,000 करोड़ रुपए रहा था। सितंबर में यह आंकड़ा 92,150 करोड़ का रहा जो कि अगस्त में 91,000 करोड़ रुपए। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक जुलाई महीने में सरकार को जीएसटी से 95,000 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ था।

स्रोत: जगन


Share this Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *