पंजाब राज्य जीएसटी (Punjab GST) ने पकड़ा 27 करोड़ का जीएसटी घोटाला

Share this Post

गुरदासपुर : अब बटाला के पंजाब राज्य जीएसटी (Punjab GST) विभाग ने फर्जी बिलों के जरिए 27 करोड़ के जीएसटी घोटाले का पर्दाफाश किया है। बटाला की 27 फर्मों ने अपने खातों में करोड़ों के लोहे की खरीद पंजाब के मंडी गोङ्क्षबदगढ़, जालंधर, लुधियानाहोशियारपुर की 17 फर्मों से दिखाई। पैसों का लेन-देन हुआ। हालांकि सारी खरीद सिर्फ कागजों में हुई। हकीकत में लोहा न मंगवाया गया और न भेजा गया।

बटाला की फर्मों ने आगे बोगस बिलिंग कर कई और फर्मों को कागजों में लोहा बेचा। कराधान विभाग ने चार फर्मों को नोटिस भेजा है। बाकी फर्मों को नोटिस भेजने की तैयारी है। इनमें से दो फर्में कांग्रेस नेताओं की भी बताई जा रही हैं, जिन्हें बचाने की कवायद चल रही है।

ईटीओ महेश गुप्ता ने कहा कि बटाला की मॉडर्न मशीन फर्म, एसएस इंटरप्राइजेज, एसएस इंटरनेशनल फर्म, आरआर इंटरनेशनल समेत 27 फर्मों के बहीखाते और बैंक डिटेल खंगाली जा रही है। इस संबंध में उनसे जवाबतलबी की जा रही है। बटाला की मॉडर्न मशीन इंडिया फर्म ने बाहर के शहर से 10 टन लोहे की खरीद के 118 बिल डाले हैं। बिलों में लोहा ढोकर बटाला लाने के लिए जिन 27 वाहनों के नंबर बिलों पर लिखे हैं, जांच में वो नंबर दस टायर वाले ट्रकों के नहीं बल्कि स्कूटरों के निकले।

उन्‍होंने कहा कि टोल प्लाजा के रिकार्ड से वाहनों के उन नंबरों के मिलान के लिए लिखा गया है। हालांकि टोल प्लाजा कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि वह सारा रिकार्ड नेशनल हाईवे अथारिटी ऑफ इंडिया को भेजते हैं। ईटीओ ने बताया कि कुछ टोल प्लाजा के अधिकारी मौखिक रूप से बताए गए वाहनों के बटाला में आने से इंकार कर रहे हैं। अब यह जानकारी नेशनल हाईवे अथारिटी से लिखित में मांगी गई है।

ईटीओ महेश गुप्ता ने बताया कि भले ही घोटाले की सूत्रधार बटाला से संबंधित फर्में हैं, लेकिन इसके तार पंजाब के अलग-अलग शहरों से जुड़े हुए हैं। इनमें पंजाब की 17 फर्मों के बोगस बिल मिले हैं। इस मामले में फतेहगढ़ चूडिय़ां के सुमित इंटरप्राइजेज व जालंधर की अश्विनी एंड संस फर्म समेत सभी 17 फर्मों से पूछताछ होनी है, ताकि सच पता लगाया जा सके। अभी केवल बटाला की फर्मों को पूछताछ के लिए नोटिस भेज रहे हैं।

ALSO READ : NIA : यूपी मदरसे में पढ़ रहे कश्मीरी छात्रों का आतंकी कनेक्शन

 

उन्‍होंने कहा कि पंजाब के दूसरे शहरों की फर्में भले ही बटाला के इस घोटाले में शामिल हों, लेकिन उन्हें नोटिस भेजकर उनसे जवाबतलबी करना उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं। उन्होंने कहा कि अगर सही तरह से जांच की जाए तो घोटाला 1000 करोड़ के पार भी जा सकता है।

बैंकों से निकाला जा चुका है सारा पैसा

ईटीओ ने बताया कि फर्मों ने बैंक से सारा पैसा निकल लिया लिया। 100 फीसद पैसा अकाउंट से निकलने से ही घोटाला सामने आ गया। घोटाले की पहली कड़ी सुनाम से हासिल हुई। उन्होंने कहा कि वो अब तक की जांच रिपोर्ट एक-दो दिन में सबमिट कर सकते हैं। फर्मों से उनका पक्ष पूछा जा रहा है। जिस भी फर्म पर आरोप साबित होगा, उस पर मनी लांड्रिंग एक्ट के तहत भी केस दर्ज करवाया जाएगा। किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।


Share this Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *