तन-मन प्रफुल्लित रखने के लिए, जरूर पीएं ये 5 जूस

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फलों का जूस सिर्फ मरीजों के लिए ही नहीं है स्वस्थ व्यक्तियों के लिए भी ये उतने ही काम के हैं। जो हेल्दी हैं वे हमेशा हेल्दी बने रहें इसके लिए उन्हें अपने डेली रुटीन में कम से कम एक-दो गिलास फल और सब्जियों का जूस पीना चाहिए। अगर किसी को हेल्थ संबंधी प्रॉब्लम है तो ऐसे लोग हर दो-तीन घंटे में जूस पीएं। गाजर, एपल, ककड़ी, मुनक्के, चुकंदर, खीरा, पाइनेपल आदि का जूस लें। शरीर स्वस्थ व रोगमुक्त रहता है व मोटापा कम होता है। अगर सिर्फ रसाहार पर ही न रह सकें तो अंकुरित अनाज भी साथ ले सकते हैं जिससे भूख मिटेगी और पौष्टिक तत्व भी मिलेंगे। सब्जियों में स्थित क्लोरोफिल में बहुत उत्तम प्रोटीन पाया जाता है जिससे प्रोटीन की कमी नहीं होती है। रस पीने से खून साफ होता है। पेशाब अधिक होकर शरीर के विषैले तत्व बाहर निकलते हैं। रस शरीर की खराब और डैमेज सेल्स को रिपेयर कर दोबारा निर्माण में मददगार साबित होते हैं। फल या सब्जी के जूस पीने से पाचन तंत्र पर अधिक जोर नहीं पड़ता और शरीर को ज्यादा से ज्यादा पोषक तत्व की प्राप्त होते हैं।

1. लौकी का जूस
लौकी लें उसे धोकर काट लें। आधा गिलास पानी और कुछ पत्तियां तुलसी की डालकर जूस निकालें और छानें। इसमें स्वादानुसार काला नमक, काली मिर्च डालकर पिएं। ये जूस डायबिटीज में फायदेमंद है और कॉन्स्टिपेशन कम करता है और गर्मियों में नाक से खून यानी नकसीर आती है तो इसमें शहद भी मिक्स कर पीएं तो फायदा होगा।

2. करेले का जूस
चार करेले, दो टमाटर, एक खीरा साफ करके काटें और आधा गिलास पानी मिक्स करके पीसें और बारीक छलनी से छानें। इसमें थोड़ा सा काला नमक, एक चम्मच नीबू का रस मिक्स करें और फ्रेश ही पी लें। ये जूस शुगर, हार्ट डिजीज और रक्तचाप की प्रॉब्लम में बेहद फायदेमंद है।

3. खीरे का जूस
दो खीरे काटें और आधा गिलास पानी डालकर पीसें और छान लें। इसमें टेस्ट बढ़ाने के लिए काला-सफेद नमक, नीबू और पुदीना डालकर तुरंत पी लें। इस जूस से त्वचा का रंग साफ होता है और शरीर से विषैले तत्व बाहर निकल जाते हैं।

4. वॉटरमेलन जूस
तरबूज को छोटे टुकड़े कर मिक्सी में पीसकर छान लें। इसमें और कुछ भी मिक्स नहीं करें। ये जूस किडनी में स्टोन होने पर बहुत फायदा देता है और आंतों के लिए फायदेमंद है।

5. चुकंदर का जूस
दो चुकंदर को मिक्सी में पानी डालकर पीसें और छान लें। इसे फ्रेश ही पीएं। एनिमिया की कमी जल्द ही दूर होने लगेगी।

अधिक मात्रा में न लें
बेहद फायदेमंद होने के बावजूद जूस या रस आवश्यकता से अधिक नहीं पीने चाहिए। क्योंकि रस या जूस की प्रवृत्ति एसिडिक होती है जिससे शरीर की प्राकृतिक अम्लता बिगड़ सकती है।

सोर्स – पत्रिका


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